धामन साँप (घोड़ा पछाड़)
धामन साँप Rat Snake
सामान्य नाम - भारतीय रैट स्नेक
अंग्रेजी नाम - Indian Rat Snake
स्थानीय नाम - घामन साँप, घोड़ा पछाड़
वैज्ञानिक नाम - टयास म्यूकोसस
आवास - खेतों में,बागानों में,जंगलो आदि में ।
प्रकार - विषहीन ,हानिरहति
व्यवहार - शांत और डरफोक
मुख्य भोजन - चूहें,पक्षी,दादुर,मेंढक आदि
वितरण - सम्पूर्ण भारत
दुश्मन - किंग कोबरा,मनुष्य, जंगली बिल्ली आदि
सामान्य नाम - भारतीय रैट स्नेक
अंग्रेजी नाम - Indian Rat Snake
स्थानीय नाम - घामन साँप, घोड़ा पछाड़
वैज्ञानिक नाम - टयास म्यूकोसस
आवास - खेतों में,बागानों में,जंगलो आदि में ।
प्रकार - विषहीन ,हानिरहति
व्यवहार - शांत और डरफोक
मुख्य भोजन - चूहें,पक्षी,दादुर,मेंढक आदि
वितरण - सम्पूर्ण भारत
दुश्मन - किंग कोबरा,मनुष्य, जंगली बिल्ली आदि
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धामन साँप Indian Rat Snake (Pryas mucosa) Photo © Rahul Kumar |
मिलिए किसान मित्र धामन साँप से 🐍🐍
धामन साँप, घोड़ापछाड़ या इंडियन रैट स्नेक (टयास म्यूकोसस) : एक सामान्य विषहीन और डरपोक साँप है जिसकी लम्बाई तीन मीटर तक हो सकती हैं। यह साँपो के सबसे बड़े परिवार कोलुब्रीडी से ताल्लुक रखते हैं। इस प्रजाति का भौगोलिक वितरण विस्तृत क्षेत्रों में दक्षिण एशिया से लेकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक है। यह लगभग पूरे भारतवर्ष में पाए जाते हैं।
व्यवहार और प्रवृत्ति : शांत स्वभाव का इस साँप के आहार में मेंढक, दादुर, चूहा, चिड़िया से लेकर साँप तक शामिल है परंतु पसंदीदा भोजन चूहा ही है जो इसे रिहायशी इलाको में इसे खींच लाता है। यह साँप विषैला नहीं होता। यह मुख्य रूप से दिनचर होते हैं और खेत, बाग, जंगल, झाड़ी और पेड़ आदि पर्यावास में रहते हैं। लोग इसके आकार को देख भयवश ख़तरा समझ कर इसका बध कर देते हैं। पकड़े जाने पर यह गर्दन फुलाकर फुफकारता है। यह काफी तेज़ रेंगता है जबकि पेड़ पर चढ़ने या पानी मे तैरने में भी माहिर है। नर-नर आपस मे मादा के लिए लड़ाई करते अक्सर देखे जाते हैं।
भोजन : इसके आहार में मेंढक, दादुर, चूहा, चिड़िया से लेकर साँप तक शामिल है।
आकारिकी : यह एक बड़े आकार का सांप है जो 11 फीट और 9 इंच तक बढ़ सकता है लेकिन आमतौर पर 150-240 सेमी (8-8 फीट) की लंबाई में देखा गया है। अंडे से निकले सपोलें लगभग 30-47 सेमी के होते हैं। इसका शरीर लंबा, मध्य क्षेत्र में मोटाई लिए और पतली लंबी पूंछ होती है। इसके शरीर का रंग दक्षिण भारत में जैतूनी-भूरी, पीला, भूरा, हरा और मध्य-उत्तरी भारत में भूरा, काला या भूरे रूप में पाए जाते हैं, शरीर पर हल्के काले निशान और पीछे के शरीर और पूंछ पर काले रंग की जालीनुमा रंग के रूप में देखने को मिलते हैं। सुपष्ट सर और दुबली गर्दन, इसकी आंखें बड़ी और गोल पुतलियाँ होती हैं। इसके ऊपरी और निचले होठों पर विशिष्ट काले अनुप्रस्थ निशान होते हैं जो इसकी सही पहचान में मदद करते हैं। इसके नीचे का भाग पीला या मटमैला सफेद, धूसर या उसके बिना होता है।
शल्कों की व्यवस्था : आठ ऊपरी ओष्ठशल्क जिसका चौथा और पांचवां शल्क आंखों के संपर्क में होता जबकि आँख और नासिका छिद्र के बीच मे एक से चार शल्क होते हैं। पृष्ठीय शल्क आगे और शरीर के बगल पर चिकने होते हैं जबकि ऊपर और पीछे के तरफ अधिक खुरदरे होते हैं। शरीर के मध्य भाग पर 17 की श्रेणियों में होते हैं और गुदा द्वार के शल्क विभाजित होते हैं। गुदा भाग से लेकर पूँछ की सिरे तक के 100-146 शल्क युग्मित होते हैं (इंडियनस्नेक्स 2023)।
भौगोलिक वितरण : विस्तृत क्षेत्रों में दक्षिण एशिया से लेकर दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों तक है। यह लगभग पूरे भारतवर्ष में पाए जाते हैं। भारत मे वितरण : आंध्र प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ , असम, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, गुजरात , हरियाणा , हिमाचल प्रदेश, झारखंड, कर्नाटक, केरल , मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र , मणिपुर, मेघालय, ओडिशा , पंजाब, राजस्थान , तमिलनाडु, तेलंगाना , सिक्किम , उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पश्चिम बंगाल, दमन और दीव, दादरा और नगर हवेली, दिल्ली, मिजोरम , नागालैंड, चंडीगढ़, पुडुचेरी, जम्मू और कश्मीर,अंडमान और निकोबार, त्रिपुरा (इंडियनस्नेक्स 2023)।
संरक्षण की स्थिति : धामन को भारतीय वन्यजीव अधिनियम 1972 के अनुसूची चार में सूचीबद्ध किया गया है अथार्थ इसे पकड़ना, मारना या पकड़कर दिखाबा करना वन्यजीव अपराध के श्रेणी में आता है जिसके लिए सजा का प्रवधान है। इसे अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आई०यु०सी०एन०) ने कम खतरे की क्षेणी में रखा है। ज्ञान के अभाव में लोग विषैला समझ कर इसके प्राण ले लेते हैं वहीं सड़क दुर्घटना में भी अक्सर कुचले हुए मिल जाते हैं जो कि इस प्रजाति के अस्तित्व पर ख़तरा है।
पारिस्थितिकी में महत्व और संरक्षण : खेतों में दिखने वाला यह सामान्य साँप है। यह चूहों को बृहद स्तर पर नाश करता है इसलिए इसे प्राकृतिक पीड़क नाशी कहना सही होगा क्योंकि यह हमारी फसलों को नुकसान होने बचाते हैं साथ ही यह हमारे आसपास चूहों का भक्षण कर हमें उसके द्वारा पैदा होने वाले रोगों से भी सुरक्षा प्रदान करता है। धामन कई प्रजातियों के आहार बनकर आहार जाल को संतुलित बनाए रखने में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है। किंग कोबरा का प्रमुख भोजन में धामन शामिल है।
धामन साँप से जुड़ी भ्रांतियां और उनके तथ्य :
1. दूर से देखने पर यह रंग में कोबरा से मिलता-जुलता है, लेकिन इसे नाग यानी कोबरा से इसके दुबले गर्दन और लंबी पूंछ और पीठ-पूँछ पर बने काली लकीरे और जालनुमा आकृति को देख कर इसे नाग से अलग किया जा सकता हैं !
2. लोगो का मानना है कि धामन के पूँछ में विष होता है जबकि धामन एक विषहीन सर्प है, विषैले साँपो का विष उनके सर के पास विष ग्रन्थि में होती है।
3. लोग मानते है कि धामन साँप कोबरा के साथ सहबास करते हैं जबकि धामन साँप और कोबरा (नाग, गेहूंअन साँप) दो अलग अलग प्रजाति है। कोबरा धामन को भी खा लेते हैं, इसलिए दोनो एक साथ नही रह सकते हैं, न प्रजनन कर सकते हैं ।
4. नर-नर आपस मे मादा के लिए लड़ाई करते अक्सर देखे जाते हैं जिसे लोग सहबास करते जोड़ा समझ लेते हैं।
5. धामन दुधारू पशुओं के थन से दूध पी जाते हैं जबकि मवेशियों के बाड़ा के पास चूहों अक्सर दिख जाते हैं जिनकी तालाश धामन को होती है।
सन्दर्भ : इंडियनस्नेक्स. (2021). Indian rat snake Ptyas mucosa. 15 July 2023. http://indiansnakes.org/snakedetails/rat%20snake
सर हम किस प्रकार जाने की यह सांप जहरीला नहीं है इसमें और काले सांप में हम अंदाजा नहीं लगा सकते इसकी कोई और विशेषता भी बताएं
ReplyDeleteHello
DeleteIndian Rat snake yani Dhaman saanp ki lambai lgbhag 2-3 meter ki normally hoti hai ye aur bhi jyada lambe ho skte hain... Inki punchh jalidar trhh ki hoti hai last me bilkul ptli si... Inke muhh ka size inki body se chhota hota hai.. Inki gardan ke niche yani niche ki trff se Sher ki body ki dhariyon jaisa akar hota h pr sirf gardan ke niche jo ki ap is post pe diye gye rat snake ki photo me dekh skte ho.. Ye bhot furtila hota hai bhot fast aur.. Iski aankhe badi hoti hn.. Inka color brown hota hai.. Aur ye mota hota hai peeth pe...
Iske bare me jo apwaah h ki ye puchh se marta h iski punchh me jeher Hota h sab jhut hai... Bs iski punchh ki pakkd bhot majboot hoti hai... Jisse ye ped ki daliyon peajbooti se pkdd bna kr door baithe pakshi chidiya kauwo ko asani se pkdd kr apna ahhar bna ske
Ek request h
Kisi bhi saanp ko jabarjast doodh na pilaye dharm k naam pr kyoki inki sarir me haddiyan nhi hoti aur doodh me hota h calcium jisse ye doodh digest nhi kr pate... Ye thik Waisa hi h jaise insaan sharaab pi kr jayada din tk jinda nhi reh skta waise hi saanp bhi doodh pi kr mar jata hai
So khud bhi jane aur dusro ko bhi samjhayeinn
Saanp khud khatre me hai... Aisa hi rha to aane wale wqtt me hmari pidhi inhe bs kisse kahahaniyo me sun payegi
Kisi bhi saanp k katne pe dare nhi sidha sarkari hospital jaye ya fir us hospital me jaye jaha anti venom ho saanp ko pehchane uske bare me jane
Kyoki india me Bina jeher wale saanp ke katne se bhi log marr jate hn ghabra kr darr se jeart attack ho jata h unhe
SAANP SE NAHI SAANP KE NAAM SE DARR HAI
Dhamin ke puchh marte hi insan behosh ho jata hai kya
Deletedhaman aage se patle hote hai aur aur ye thoda green aur yellow color ka hota hai iske katne se kuchh nhi hota aur na hi puchh marne se
DeleteDhaman ke katne se kya hoga mujhe aaj hi kata hai darr to nahi lag raha hai pr saap to hai na mujhe ye bhi pata hai ki ye sap jahrile nahi hote fir bhi mujhe thodi jankari to honi chahiye n
ReplyDeletekuchh nhi hoga ,,,,
Deletesir Isko rat snake hi kyo kha jta iske piche reason Ye to medhak v khub khta hai
ReplyDeleteye rat khata hai kheto me iske sath sath mendhak aur anya keet patango ko bhi khata hai ise kisan mitra bhi kahte hai
Delete